अन्नदानं महादानं विद्यादानमतः परम्

अन्नेन क्षणिका तृप्तिः यावज्जीवंच विद्यया

 

विद्या से उत्तम दान नहीं है क्योकि अन्न का दान कुछ समय तक संतोष देता है जब की विद्या का दान आजीवन संतुष्ट करता है । संस्था विद्या दान, आवश्यक राशि की व्यवस्था एवं पुस्तक या आवश्यक वास्तु को उपलब्ध करवाती है ।

संस्था को निःशुल्क शिक्षा एवं शिक्षा सामग्री के लिए कोई भी व्यक्ति संपर्क कर सकता है। बच्चो के लिए संस्था

१. पुस्तक

२. पेन पेंसिल तथा दूसरे आवश्यक साधन

३. खेल कूद के लिए साधन इत्यादि निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए प्रयत्नशील है ।

संस्था से जुड़े हुए अनुभवी लोग भी समय समय पर शिविर रख कर विविध विषयो पर ज्ञान प्रदान करते है । जो भी अपनी सेवा किसी को पढ़ाने में देना चाहता है उनका भी संस्था  स्वागत करती  है ।