|| श्री हरि:||

|| ॐ श्री परमात्मने नमः ||

||ॐ श्री कृष्णाय नमः ||

 

भगवान् श्री कृष्ण के गीता के कथन एवं वचन को जीवन का उद्देश्य बनाने का प्रयत्न करते हुए गौ एवं राष्ट्र कि सेवा करना हमारा लक्ष्य है |

भगवान् वेद व्यास की रचना “महाभारत” के स्वर्गारोहण पर्व के श्लोक अनुसार

“धर्मादर्थश्च कामश्च स किमर्थं न सेव्यते ” [धर्म से सभी प्रकार के अर्थ और काम सिद्ध होते है | [मोक्ष तो सिद्ध् है ही ]

इसी वचन पे विश्वास रख कर धर्म गौ एवं राष्ट्र कि सेवा का सुअवसर प्राप्त हुआ है |

संस्था के सभी सदस्य का एक मात्र हेतु मनुष्य जीवन को सार्थक करना ही है | और इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विविध कार्यो को माध्यम बनाया है जेसे

गौ और  राष्ट्र सेवा

वेद एवं वैदिक वाङ्ग्मय् के अध्यापन द्वारा  वैदिक एवं ऋषि संस्कृति का प्रचार

संस्कृत भाषा का अध्यापन एवं प्रचार

नि:शुल्क  चिकित्सा शिविर

अभावग्रस्त बच्चो एवं युवको के लिए शिक्षा एवं शिक्षा सामग्री पहोचाना

अभावग्रस्त लोगों में अन्न वस्त्र का वितरण

वैदिक-आर्य पद्धति से कृषि एवं पशुपालन

यज्ञ एवं पूजन का शास्त्रोक्त रूप से आयोजन